सिंपलेक्स और डुप्लेक्स क्या है
वर्तमान वक्त में जब बात संचार टेक्नोलॉजी की आती है तब अक्सर 2 प्रकार के शब्द सुनाई देते हैं जिन्हें सिंपलेक्स और डुप्लेक्स कहा जाता है सिंपलेक्स में डाटा एक ही दिशा में प्रवाहित होती है जबकि डुप्लेक्स में डाटा दोनों दिशा में प्रवाहित होती है संचार टेक्नोलॉजी में इसका उपयोग इंफॉर्मेशन भेजने और संचार के लिए किया जाता है
सिंपलेक्स और डुप्लेक्स
सिंपलेक्स और डुप्लेक्स एक टर्म है जिसको यूज़ किया जाता है कम्युनिकेशन और इनफार्मेशन फ्लो होने में जिसमें माध्यमों के प्रकार के आधार पर सिंपलेक्स और डुप्लेक्स कहा जाता है मान लीजिए आप कोई रेडियो सुन रहे हैं यह जो आवाज सुनाई दे रही है
इस आवाज की रिप्लाई आप किसी को नहीं दे सकते हैं उसी प्रकार ही टीवी भी है जिसमें आप देखते हैं और सुनते हैं इसमें भी इंफॉर्मेशन और मनोरंजन आप तक प्रवाहित होता है इन सब में इनफार्मेशन एक ही दिशा में फ्लो होता है तब यह सिंपलेक्स कहलाएगा
किंतु वही जब आप किसी से मोबाइल में बात करते हैं तब आप तक सिर्फ इंफॉर्मेशन आप तक नहीं आती है बल्कि आपकी ओर से भी इंफॉर्मेशन जाती है,इसके अलावा वीडियो कॉलिंग में भी आप सामने वाले को सुनते और देखते हैं और आपके सामने वाला भी आपको सुनता और देखता है तभी इस प्रकार का इंफॉर्मेशन का प्रवाह दोनों दिशा में होना डुप्लेक्स कहलाता है
सिंपलेक्स और डुप्लेक्स डाटा या इंफॉर्मेशन प्रवाहित होने की दिशा की प्रकृति से है
चलिए इस पोस्ट पर हम आपको सिंपलेक्स और डुप्लेक्स क्या है और सिंपलेक्स और डुप्लेक्स कैसे काम करता है इसके बारे में विस्तार से बताते हैं
सिंपलेक्स क्या है
जब किसी कम्युनिकेशन द्वारा एक दिशा से ही सूचना दी जाती है या इंफॉर्मेशन फ्लो होती है तब इस प्रकार की कम्युनिकेशन माध्यम को सिंपलेक्स कहा जाता है
मान लीजिए आप कंप्यूटर चला रहे हैं तब एमएस वर्ल्ड में डॉक्यूमेंट बना रहे हैं जिसमें आप टाइप कर डाटा को डाल रहे हैं तब इसमें जो इंफॉर्मेशन आप डाल रहे हैं वह सिर्फ कीबोर्ड से कंप्यूटर की ओर इनपुट डिवाइस के तौर पर डाटा डालने का काम किया जा रहा है जबकि कंप्यूटर द्वारा कीबोर्ड को ना ही कोई इंफॉर्मेशन दी जा रही है ना ही कोई डेटा दोनों दिशाओ में फ्लो हो रहा है तब इस प्रकार का कम्युनिकेशन सिंपलेक्स कहलाता है
सिंपलेक्स में एक बार में एक ही तरफ से डाटा या इंफॉर्मेशन फ्लो होती है इसमें इनफार्मेशन फ्लो होने की दिशा के आधार पर सिंपलेक्स और डुप्लेक्स की पहचान की जाती है
इसके अलावा हम आपको और उदाहरण से समझाते हैं
मान लीजिए कोई प्रिंटर सीधे सीधे कंप्यूटर से जुड़ा हुआ है जब कंप्यूटर से प्रिंटर को इंस्ट्रक्शन दिया जाता है तब प्रिंटर दाटा को प्रिंट करने लगता है इस अवस्था में देखा जाए तो कंप्यूटर में प्रिंटर को इंस्ट्रक्शन दिया की प्रिंट निकालो और प्रिंटर ने प्रिंट निकाल भी दिया जबकि इसके लिए प्रिंटर ने दोबारा कंप्यूटर से कम्युनिकेट नहीं की सिर्फ एक बार के ही कंप्यूटर द्वारा दिया गया निर्देश को प्रिंटर ने फॉलो किया तब यहां वन वे कम्युनिकेशन हुआ और इस प्रकार की कम्युनिकेशन को सिंपलेक्स कहां जाता है
इसके अलावा सिंगल लेन सड़क भी सिंपलेक्स का उदाहरण है क्योंकि इसमें एक ही वक्त में एक गाड़ी जा सकती हैं या एक गाड़ियां आ सकती है
डुप्लेक्स क्या है
हमने आपको सिंपलेक्स में बताया की एक वक्त में एक ही दिशा में कम्युनिकेशन किया जा सकता है सिंपलेक्स कहलाता है किंतु डुप्लेक्स में दोनों दिशाओ में कम्युनिकेशन किया जा सकता है
इसके आधार पर डुप्लेक्स के दो प्रकार होते हैं
फुल डुप्लेक्स
इस प्रकार के डुप्लेक्स में एक ही वक्त में इनफार्मेशन या डाटा दोनों दिशाओ में फ्लो होता है मानलो आप वीडियो कालिंग में बात कर रहे है तब आप एक दूसरे की आवाज और वीडियो एक ही वक्त में देख पाएंगे तब इस प्रकार की नेटवर्क टेक्नोलॉजी फुल डुप्लेक्स कहा जायेगा
हाफ डुप्लेक्स
इस प्रकार की डुप्लेक्स टेक्नोलॉजी में इनफार्मेशन या डाटा दोनों दिशाओ में प्रवाहित होती जरूर है किन्तु एक ही वक्त में नहीं जैसे दो व्यक्ति A और B के बीज डाटा पहले A से B की ओर फ्लो होगा इसके बाद B से A की ओर फ्लो होगा, तब इसको हाफ डुप्लेक्स कहा जायेगा
इसको मै और अगले उदाहरण द्वारा आपको समझाने की कोसिस करता हु
मानलो कोई सकरा ब्रिज है जिसमे एक बार में एक ही ट्रक क्रॉस करता है, मानलो दो ट्रक आमने सामने खडे होकर के ब्रिज को क्रॉस करना चाहते है कोई एक ट्रक ब्रिज को क्रॉस करेगा फिर अगले ट्रक को मौका मिलेगा ब्रिज क्रॉस करने के लिए, ये दोनों एक ही वक्त पर एक दूसरे को ब्रिज पर क्रॉस नहीं कर पाएंगे, तब यह हाफ डुप्लेक्स कहलायेगा
half duplex और full duplex में अंतर जानिए
दूरसंचार और कंप्यूटर नेटवर्किंग में हाफ-डुप्लेक्स और फुल-डुप्लेक्स दो अलग-अलग प्रकार के संचार मोड हैं।
हाफ-डुप्लेक्स
कम्युनिकेशन सिस्टम में, डेटा ट्रांसमिशन दोनों दिशाओं में हो सकता है, लेकिन एक ही समय में नहीं। इसका मतलब है कि जब एक डिवाइस डेटा ट्रांसमिट कर रहा है, तो दूसरा डिवाइस केवल डेटा प्राप्त कर सकता है, और इसके विपरीत। हाफ-डुप्लेक्स कम्युनिकेशन का एक अच्छा उदाहरण वॉकी-टॉकी है, जहां एक समय में केवल एक ही व्यक्ति बात कर सकता है, और दूसरे व्यक्ति को बोलने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
फुल-डुप्लेक्स
कम्युनिकेशन सिस्टम में, डेटा ट्रांसमिशन एक साथ दोनों दिशाओं में हो सकता है। इसका मतलब है कि दोनों डिवाइस एक ही समय में डेटा भेज और प्राप्त कर सकते हैं, बिना दूसरे डिवाइस के ट्रांसमिटिंग खत्म होने का इंतजार किए बिना।
फुल-डुप्लेक्स संचार का एक अच्छा उदाहरण एक टेलीफोन बातचीत है, जहां दोनों पक्ष एक ही समय में और सुनते हैं और बात कर सकते हैं
कुल मिलाकर, हाफ डुप्लेक्स और फुल डुप्लेक्स संचार के बीच मुख्य अंतर एक ही समय में डेटा संचारित करने और प्राप्त करने की क्षमता है। फुल डुप्लेक्स संचार आम तौर पर हाफ डुप्लेक्स संचार की तुलना में तेज़ और अधिक कुशल होता है, लेकिन इसके लिए अधिक संसाधनों की भी आवश्यकता होती है और इसे लागू करना अधिक महंगा हो सकता है।
Conclusion –
संचार टेक्नोलॉजी में नेटवर्किंग का अपना अलग महत्व है जिसमे डाटा का फ्लो होने की वजह से सिंपलेक्सऔर डुप्लेक्स को जानना जरुरी है इस पोस्ट पर हमने पूरा कोसिस किया है की आप को अच्छे तरह समझा पाए की सिंपलेक्सऔर डुप्लेक्स क्या है क्या है जिसमे आपने जाना की इनफार्मेशन एक ही दिशा में फ्लो होंगी तब यह सिंम्प्लेक्स होगा किन्तु इनफार्मेशन दोनों दिशाओ में प्रवाहित होगा तब यह डुप्लेक्स होगा,
और भी पढ़े >
Dos अटैक क्या है | low level language क्या है |
cyber attack क्या है | input device क्या है |
hard disk drive क्या है | optical disk क्या है |
डिक्रिप्शन क्या है | hardware क्या है |
reboot क्या है reboot के प्रकार | सौर ऊर्जा क्या है |
processor क्या है | DDos अटैक क्या है |
ब्लू रे डिस्क क्या है | super computer क्या है |
रिमोट सेंसिंग क्या है | माइक्रो कंप्यूटर क्या है |
plotter के प्रकार | मिनी कंप्यूटर क्या है |
मिनी कंप्यूटर क्या है | मिनी कंप्यूटर क्या है |
लेजर क्या है | dak web क्या है |
Search Engine क्या है | क्लाउड होस्टिंग क्या है |
ROM क्या है | web 3.O क्या है |
cdn क्या है |