जड़ की आंतरिक संरचना
पौधों में जल एक बहुत ही महत्वपूर्ण संरचना है जड़ एक पेड़ का अंग होने के साथ-साथ ही इसके बहुत महत्वपूर्ण काम भी हैं जिससे पेड़ को खड़े और जीवित रखने में जड़ का महत्वपूर्ण योगदान होता है
जड़ की विशेषताएं निम्नलिखित हैं
- एपीब्लेमा जड़ का सबसे बाहरी स्तर है एपीब्लेमा पर बहुत सारे संख्या में एक कोशिकीय मूल रोम पाया जाता है
- Cortex एपीब्लेमा के बाद आने वाला एक आंतरिक स्तर है,जिसे वलकुट भी कहा जाता है
- पेरीसाइकिल अन्तः त्वचा की निचले स्तर पर होती है जो मृदु तक कोशिका की बनी होती है
- पेरीसाइकिल के अंदर सवहनीय पूल पाया जाता है जिसमें जाइलम और फ्लोएम एक दूसरे की एक अंतरित क्रम में व्यवस्थित होते हैं
- इनमें पाया जाने वाला जाइलम एक्सचार्ज प्रकार का होता है जिसमें प्रोटो जायलम केंद्र से दूर तथा मेटा जायलम केंद्र की ओर स्थित होता है
- इनमें पाया जाने वाला फ्लोयम चालनी नलिका युक्त होता है तथा मृदुतक तक का बना होता है
- जाइलम तथा फ्लोएम के बीच संयोजी उत्तक पाया जाता है जिसे मृदुतक उतक भी कहा जाता है
यह तो हुई जड़ की विशेषताएं,किंतु प्रकार के आधार पर जोड़ों को दो प्रकार में बांटा गया है जिसमें जड – द्विबीजपत्री जड़ और एक बीजपत्री जड़ के रूप में पाया जाता है
इन दोनों का अध्ययन आप ऊपर दी गई लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं
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