जीन क्या है, जीन संकल्पना
जीन शब्द का सबसे पहला प्रयोग जोहान्सन द्वारा किया गया था। इनके अनुसार जीन के बारे में निम्न थ्योरी दी गयी –
- जीन गुणसूत्रों में पाया जाने वाला अनुवांशिक पदार्थ की क्रियाकारी इकाई है।
- प्रयोगात्मक रूप से जीन वंशागति की इकाई होती है।
- जीन के द्वारा ही गुणसूत्रीय पदार्थ वंशागत किया जाता है अतः यह शब्द इकाई है।
- जीन उत्परिवर्तनीय इकाई है।
वाटसन एवं क्रिक जिनको हम B DNA के जनक/खोजकर्ता के रूप में जानते है, इनके अनुसार जीन तन्तु के समूह – G, C, A, T होते है जो की एक निश्चित क्रम में व्यवस्थित होते है। जीन थ्रेड (gene thread) गुणसूत्रों में धागे से जुड़े रहते है प्रत्येक जीन एक लक्षण का वाहक होता है।
अनेक जीव वैज्ञानिक जैसे – सटन, बोवेरी, तथा मॉर्गन के अतिरिक्त Bridges, Muller, Watson & Crick, Wilkins के द्वारा जीन का व्यापक व्याख्या किया गया है।
इन सभी वैज्ञानिकों के observation के बाद जीन की आधुनिक संकल्पना दी गयी है।
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जीन की आधुनिक संकल्पना
- जीन किसी जीव के भौतिक एवं कार्यिकीय लक्षणों का निर्धारण कर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानान्तरण भी करती है।
- जीन गुणसूत्रों के ऊपर एकरेखीय क्रम (linear fashion) में पाये जाते है।
- जीन की संख्या गुणसूत्रों से अधिक होती है। मनुष्य में 23 जोड़ी गुणसूत्रों में 40000 जीन होते है।
- प्रत्येक जीन गुणसूत्र में निश्चित स्थान पर होता है। गुणसूत्र में परिवर्तन होने पर जीन में भी स्थायी परिवर्तन आते है, जिसके फलस्वरूप नयी जातियों का विकास होता है।
- जीन की एक ही जाती में अनेक अवस्थाएं होती है जिन्हें ऐलील (allele) कहते है।
- एक जीन के बहुविकल्पी ऐलील रूप होते है। इन्हें बहुविकल्पी ऐलील कहते है।
- दो समजात गुणसूत्रों में जीन के स्थानान्तरण को या आदान-प्रदान को जीन विनिमय (crossing over) कहते है।
- जीन में द्विगुणन (replication) क्षमता होती है जिससे स्वयं का प्रतिलिपि निर्माण होता है।
- जीन स्वयं का उत्परिवर्तन (mutation) करने में सक्षम होते है।
- वर्तमान मत के अनुसार जीन DNA का एक अणु खण्ड होता है जो एक या एक से अधिक नाइट्रोजनी क्षारों के रूप में होते है।
जीन का नामांकित चित्र

जीन की संरचना
गुणसूत्रों के ऊपर क्रोमोनिमेटा के ऊपर छोटे-छोटे कण पाए जाते है जिन्हें chromomeres कहते है। इन chromomeres में ही जीन पाया जाता है।
जीन के सम्बन्ध में LOMING ने कहा की chromomere जीन का एक समूह है
बेन्जर ने जीन को समझने के लिए माडल दिया जिसे बेन्जर माडल कहते है इसके अनुसार :
Recon –
- यह पुनः संयोजन की इकाई (unit of recombination) है।
- जीन या DNA की सबसे छोटी इकाई कहा जाता है।
- इसमें crossing over तथा recombination होता है।
Muton –
- इसे उत्परिवर्तन की इकाई (unit of mutation) के नाम से जानते है।
- यह DNA के एक भाग के रूप में होता है जिसमें उत्परिवर्तन की क्षमता पायी जाती है।
Cistron –
- यह DNA की सबसे बड़ी क्रियात्मक इकाई (functional unit) होती है।
- इसमें 100-30000 जोड़ी न्यूक्लियोटाइड पायी जाती है।
ओपेरान (Operon) क्या है
- इसे भी हम DNA की इकाई जीन के रूप में जानते हैं।
- यह संरचनात्मक एवं आपरेटर जीन के द्वारा प्रदर्शित होता है।
- संरचनात्मक एवं आपरेटर जीन के द्वारा DNA में भेजी गयी सूचनाओं के प्रभाव को परिवर्तित कर देते हैं।
- Operon शब्द का उपयोग सबसे पहले Jacob और Monod ने किया था।
FAQ
Q- Gene क्या है
A-जीन गुणसूत्रों में पाया जाने वाला अनुवांशिक पदार्थ की क्रियाकारी इकाई है।
Q- Gene कहा पाया जाता है
A-जीन गुणसूत्रों के ऊपर एकरेखीय क्रम (linear fashion) में पाये जाते है।
Q- gene की मुख्य विषेसता क्या है
A- यह अनुवानशिक गुणों का वाहक है
